यीशु मसीह द्वारा बताया गया फ़रीसी और चुंगी लेने वाले का दृष्टांत हमें यह सिखाता है कि परमेश्वर बाहरी धार्मिकता नहीं, बल्कि नम्र और पश्चाताप से भरे हृदय को देखता है।
इस संदेश में जानिए:
फ़रीसी की प्रार्थना क्यों परमेश्वर को प्रसन्न न कर सकी
चुंगी लेने वाला कैसे नम्रता के कारण धर्मी ठहराया गया
आज के जीवन में यह दृष्टांत हमें क्या सिखाता है
यह संदेश हमें आत्म-परीक्षण, नम्रता और सच्चे पश्चाताप की ओर ले जाता है।
यदि आप परमेश्वर के अनुग्रह को अनुभव करना चाहते हैं, तो इस वचन को पूरे ध्यान से सुनें।
📖 Bible Verse:
“क्योंकि जो अपने आप को ऊँचा करेगा, वह नीचा किया जाएगा; और जो अपने आप को नीचा करेगा, वह ऊँचा किया जाएगा।”
— लूका 18:14
🙏 प्रभु आपको इस वचन के द्वारा आशीष दे।

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